
एक छोटे से गाँव में साहस की छोटी रोशनी रहती थी। उसके घुंघराले काले बाल और बड़ी चमकदार आंखें थीं। नीली फ्रॉक और सफेद स्कार्फ में वह हमेशा मुस्कुराती रहती थी।

एक दिन गाँव में तेज बारिश आई और आसमान में बादल छा गए। अंधेरा इतना घना था कि बच्चों को घर तक लौटने में डर लग रहा था। साहस की छोटी रोशनी अपनी छोटी लालटेन लेकर बाहर निकली।

उसने लालटेन की हल्की पीली रोशनी जलाकर अपने दोस्तों को पुकारा। उसकी आवाज में हिम्मत और प्यार था। उसके दोस्त उसकी ओर दौड़ कर आए।

साहस की छोटी रोशनी ने सभी बच्चों का हाथ थामा और बोली, "डरने की जरूरत नहीं है, हम सब साथ हैं। मेरी लालटेन की रोशनी हमें रास्ता दिखाएगी।"

सभी बच्चे छोटी रोशनी के साथ हँसते-गाते, उसकी लालटेन की रोशनी में सुरक्षित अपने घर पहुँच गए। रास्ते में वे गुनगुनाते रहे और डर धीरे-धीरे दूर हो गया।

गाँव के सभी लोग छोटी रोशनी की बहादुरी की तारीफ करने लगे। उसकी छोटी सी लालटेन और साहस ने सबको दिखाया कि उम्मीद और हिम्मत से अंधेरा भी दूर हो सकता है।


