Home
Page image
मीरा एक छोटी लड़की थी, जिसके घुंघराले काले बाल और बड़ी जिज्ञासु आँखें थीं। एक रात, जब सब सो रहे थे, मीरा अपने कमरे में अकेली थी और बाहर अंधेरा छाया हुआ था।
Page image
अचानक मीरा की नजर अलमारी के ऊपर रखी एक छोटी, गोल पीतल की दीपक पर पड़ी। दीपक की चमकीली लौ हल्की-हल्की रोशनी फैला रही थी, जिससे मीरा को थोड़ी राहत मिली।
Page image
मीरा ने दीपक को ध्यान से देखा। दीपक के चारों ओर हल्की रोशनी की आभा थी और उस पर सुंदर फूलों की नक्काशी बनी हुई थी, जैसे वह खुद मुस्कुरा रही हो।
Page image
थोड़ी देर बाद, मीरा ने दीपक को अपने पास उठा लिया। दीपक की गरमाहट और चमक से मीरा का डर धीरे-धीरे कम होने लगा। उसे अहसास हुआ कि छोटी सी रोशनी भी बड़ा अंधेरा दूर कर सकती है।
Page image
मीरा ने दीपक से कहा, तुम मेरी दोस्त बनोगी? दीपक की लौ और तेज़ चमकने लगी, जैसे वह मीरा की दोस्ती को स्वीकार कर रही हो। अब मीरा को अंधेरे से डर नहीं लग रहा था।
Page image
उस रात मीरा ने दीपक के साथ मिलकर अपने डर को दूर किया। मीरा और छोटी दीपक अब सबसे अच्छे दोस्त बन गए, और हर रात वे मिलकर अपने कमरे में रोशनी और हिम्मत फैलाते हैं।
Made with Love by StoryBookly
Made with Love by StoryBookly