
सूरज की हल्की रोशनी कमरे में बिखरी थी। नन्ही लड़की खिड़की के पास बैठी थी, उसकी आँखों में सपनों की चमक थी। उसकी मेज पर रंग-बिरंगे काँच के टुकड़ों से बनी एक चमकदार आकृति रखी थी।

एक दिन लड़की ने देखा कि काँच की आकृति से इंद्रधनुषी रोशनी कमरे में फैल रही है। वह बहुत खुश हुई और उसे छूने गई। जैसे ही उसने उसे छुआ, अचानक कमरे में जादू फैल गया।

लड़की ने खुद को एक जादुई सपनों की दुनिया में पाया। वहाँ पेड़ सुनहरे थे, आसमान में उड़ते रंगीन पक्षी थे, और हर तरफ खुशबू थी। सब कुछ बहुत सुंदर और नया था।

आगे बढ़ते हुए, लड़की ने एक बोलता हुआ फूल देखा। फूल ने मुस्कुरा कर कहा, अगर तुम अपने दिल की सुनो, तो हर सपना सच्चा हो सकता है। लड़की ने फूल की बात ध्यान से सुनी।

सपनों की इस दुनिया में लड़की ने हिम्मत दिखाई। उसने डर को पीछे छोड़कर नए दोस्तों से मुलाकात की, और सबने मिलकर एक गुमशुदा तितली को ढूँढा। उसे समझ आया कि दोस्ती और साहस बहुत ज़रूरी हैं।

जब लड़की वापस अपने कमरे में आई, तो उसकी आँखों में खुशी और सीख थी। उसने जाना कि काँच के सपने जादुई होते हैं, पर असली जादू उसके अपने दिल और सपनों में छुपा है।


