
रवि एक हंसमुख बच्चा है, जो रोज़ अपने रंग-बिरंगे टिफिन बॉक्स के साथ स्कूल जाता है। आज उसकी मम्मी ने उसके टिफिन में स्वादिष्ट खाना पैक किया है। रवि अपनी नीली यूनिफार्म और मुस्कान के साथ घर से निकलता है।

स्कूल जाते समय, रवि रास्ते में एक पुराने पेड़ के नीचे बैठा एक बुजुर्ग आदमी देखता है। वह दुबले-पतले हैं, सफेद दाढ़ी-मूंछ और हल्के बिखरे बाल उनके चेहरे पर अनुभव की झलक दिखाते हैं। उनके पास केवल एक पुराना कपड़ा थैला है।

रवि देखता है कि बुजुर्ग आदमी बहुत थके और भूखे लग रहे हैं। उनके चेहरे पर उदासी है और उनका पेट चू-चू की आवाज़ कर रहा है। रवि का दिल दयालुता से भर जाता है।

रवि बिना झिझक अपने रंग-बिरंगे टिफिन को खोलता है और उसमें से कुछ खाना निकालकर बुजुर्ग आदमी की तरफ बढ़ा देता है। बुजुर्ग आदमी की आंखों में चमक आ जाती है और वे मुस्कुरा देते हैं।

रवि और बुजुर्ग आदमी साथ बैठकर खाना खाते हैं। दोनों के चेहरे पर मुस्कान है और उनका मन खुश हो जाता है। रवि को लगता है कि साझा करने से खुशी बढ़ जाती है।

खाना खत्म होने के बाद, बुजुर्ग आदमी रवि को धन्यवाद कहते हैं। रवि मुस्कुराता है और स्कूल की ओर बढ़ जाता है, यह सोचकर कि दयालुता और मित्रता सबसे बड़ा उपहार है।


